गौर तलब है कि, दिनांक 9/ 1/ 2026 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को सकती जिले के कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से जन चिंतक मंच द्वारा ज्ञापन पत्र भेजा गया। इस ज्ञापन पत्र में गुरु घसीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की शिकायत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से संगठन जन चिंतक मंच ने की है। पत्र के अनुसार
7 जनवरी को गुरु घसीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा साहित्य अकादमी के तत्वाधान में आयोजित हिंदी साहित्य संबंधित एक कार्यक्रम में कुछ साहित्यकारों को भी बुलाया गया था। इस कार्यक्रम चलने के मध्य ही भरी सभा में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति(आलोक कुमार चक्रवाल) द्वारा एक साहित्यकार व कथाकार(मनोज रूपडा) को
अकारण अमर्यादित लहजे में बेइज्जत किया गया।
जिससे जन चिंतक मंच ने किसी भी कुलपति पद में बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता, इससे विश्वविद्यालय की भी छवि धूमिल हुई है। ऐसा अपने ज्ञापन पत्र में लिखा है। तथा राज्यपाल से संगठन ने मांग की है कि,
इस घटना की उचित जांच कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच हो और यदि कुलपति दोषी पाए जाए तो उन्हें इस पद से हटाया जाए। अन्यथा जन चिंतक मंच यूनिवर्सिटी की छवि को ध्यान में रखते हुए तथा साहित्यकारों के हितों को महत्व देते हुए आंदोलीत होने में मजबूर होगा।
इस विषय को लेकर जन चिंतक तक मंच में आक्रोश है। संगठन महा प्रमुख अरुण कुमार सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार संगठन प्रमुख नोबेंद्र साहू द्वारा यह ज्ञापन पत्र राष्ट्रपति जी को भेजा गया। ज्ञापन पत्र ज्ञापित करते वक्त जिला कार्यकर्ता व पदाधिकारी गणेश जी साहू, कौशल्या कुर्रे, गीता जांगड़े, आदि कार्यकर्ता मौजूद थे


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