नगरदा (सक्ती) | खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत प्रदेश में धान खरीदी का कार्य जोर-शोर से जारी है। इसी कड़ी में सक्ती जिले के धान उपार्जन केंद्र नगरदा (प.क्र. 1059) से सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्र में धान बेचने पहुंचे बड़ी संख्या में किसानों ने लिखित पंचनामा जारी कर केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है।
किसानों ने जताया व्यवस्था पर भरोसा
मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को नगरदा केंद्र में धान लेकर पहुंचे किसानों ने स्पष्ट किया कि केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी है। किसानों के अनुसार, उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। मौके पर उपस्थित किसानों ने कहा, "हम सभी किसान धान खरीदी की वर्तमान व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट हैं।"
शिकायतों को बताया साजिश
पिछले कुछ दिनों से केंद्र प्रभारी के विरुद्ध की जा रही शिकायतों पर किसानों ने कड़ा ऐतराज जताया है। जारी 'मौका पंचनामा' में उल्लेख किया गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा निजी स्वार्थ या अनावश्यक कारणों से धान खरीदी प्रभारी को परेशान करने के उद्देश्य से शिकायतें की गई हैं। किसानों ने इन शिकायतों को पूरी तरह 'निराधार' और भ्रामक करार दिया है।
सरपंचों ने भी किया समर्थन
इस पंचनामे को स्थानीय ग्राम पंचायतों का भी व्यापक समर्थन मिला है। दस्तावेज़ में ग्राम पंचायत कुरदा, पुटेकेला और सेन्द्री के सरपंचों सहित दर्जनों किसानों के हस्ताक्षर और मुहर मौजूद हैं। इनमें मुख्य रूप से:
रामबाई (सरपंच, ग्रा.पं. कुरदा)
सरपंच (ग्रा.पं. पुटेकेला)
डोलेश्वरी (सरपंच, ग्रा.पं. सेन्द्री)
अजय बरेठ, सुकमत बाई, संतोष कुमार जायसवाल और अन्य कृषक शामिल हैं।
किसानों का कहना है कि जहां एक ओर शासन-प्रशासन सुव्यवस्थित खरीदी का दावा कर रहा है, वहीं नगरदा केंद्र के किसान स्वयं आगे आकर इस व्यवस्था की पुष्टि कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि अनावश्यक शिकायतों पर ध्यान न देकर सुचारू रूप से चल रही खरीदी प्रक्रिया को जारी रखा जाए।


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