भारत सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले के नेतृत्व में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अंतर्गत सभी शासकीय / अशासकीय / सार्वजनिक संस्थानों / स्थलों में 5 दिवसीय जनजागरुकता कार्यक्रम चलाया है । इसी क्रम में प्रथम दिन शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सक्ती एवं छ ग राज्य विद्युत वितरण कंपनी जिला सक्ती में जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां बहुतायत संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं ।जो महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अंतर्गत सभी प्रकार की जानकारी हासिल की कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए विधिक की जानकार महिला संरक्षण अधिकारी विनीता गुप्ता ने बताया कि पोश एक्ट 2013 विशाखा गाइडलाइन के अनुसार आधारित है जिसमें हर शासकीय /अशासकीय कार्यालय में जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है वहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आंतरिक समिति गठित किया जाना है और शी बॉक्स पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री करना अनिवार्य है अधिनियम का उल्लंघन करने पर 50000/– रुपया जुर्माने का प्रावधान है। समिति गठित होने पर समिति का क्रियान्वयन हेतु समिति के अध्यक्ष महिला ही हो ये सुनिश्चित करें। अगर किसी कार्यालय में महिला अधिकारी / कर्मचारी न होने की स्थिति में नियोक्ता अन्य विभाग से महिला अधिकारी कर्मचारी को अध्यक्ष बना सकते है , साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि समिति में 50% महिला होनी चाहिए। समिति के अधिकार अगर किसी के द्वारा शिकायत प्राप्त होते है तो 90 दिवस के भीतर कार्यवाही करना अनिवार्य होगा , समिति आरोपी के लिए सेवा निलंबन , सेवा समाप्ति , स्थानांतरण एवं वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा कर सकती है इसके अलावा समिति को और भी प्रावधान दिए गए है . सतीश नेताम जेंडर विशेषज्ञ ने बताया कि पोश एक्ट 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में सहायक है सभी कार्यालय यह सुनिश्चित करें कि जल्द से जल्द समिति गठित कर शी बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्ड हो । जनजागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्राएं अतिथि शिक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे


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