सक्ती--: कहते हैं की कभी-कभी छोटी सी शुरुआत बड़ी मंजिल की ओर ले जाती है ऐसी ही कहानी कराओके क्लब सक्ती की है । कराओके क्लब सक्ती का गठन 17 जुलाई 2019 को हुआ था तब क्लब के सदस्यों ने यह नहीं सोचा था की एक दिन क्लब अपनी एक बेमिसाल पहचान बना लेगा कराओके क्लब सक्ती के गठन को 7 वर्ष पूर्ण होने पर क्लब के सदस्यों के द्वारा एक संगीत संध्या का आयोजन नारायण सागर रोड गुरु प्रसाद जायसवाल निवास स्थल में किया गया। जिसमें संगीत की महफिल सजाते हुए मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जहां कराओके क्लब के सदस्यों ने एक से बढ़कर एक फिल्मी गाने, भजन एवं छत्तीसगढ़ी गाने गाकर संगीत की महफिल सजाई।उक्त कार्यक्रम में गुरु प्रसाद जायसवाल, हरीश दुबे, विक्रम राज, संतोष अनंत, साहिल सिंह, निरंजन यादव, विनोद राठौर, राम प्रकाश जाफरी, श्रीमती उर्मिला लहरे, मनोज सरकार, सीताराम चौहान, रवि यादव, जैनेंद्र जायसवाल, भुनेश्वर यादव, श्याम अवतार साहू नरेश कसेर एवं सदस्यों ने उपस्थिति दी।
ज्ञात हो कि 17 जुलाई 2019 को इस सफर की शुरुआत की गई थी तब अपने घरों में गाने गुनगुनाने वाले कई लोगों ने जिसमें पेशे से शिक्षक, कृषक, अधिवक्ता, पत्रकार, शासकीय कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, पेंटर, व्यवसायी आर्केस्ट्रा में अपनी उपस्थिति दर्ज का चुके गायकों, समाजसेवी, महिला वर्ग में शिक्षक, पंचायत सचिव एवं गृहणी ऐसे अनेक वर्गों से जुड़े लोगों ने कराओके क्लब सक्ती का गठन कर समाज सेवा एवं संगीत के क्षेत्र में कुछ कर गुजरने की ललक से एक सार्थक प्रयास किया । इसमें से अधिकांश लोगों ने कभी संगीत के क्षेत्र में मंच साझा नहीं किया था, वही मात्र तीन महीने की प्रैक्टिस के बाद कराओके क्लब सक्ती के द्वारा एक भव्य आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया। जिसे दर्शकों ने देर रात्रि तक अपनी उपस्थिति देकर पूर्णतः सफल बना दिया।
*देश भक्ति, भजन संध्या एवं आर्केस्ट्रा जैसे अनेक आयोजनों को दिया अंजाम*
कराओके क्लब सक्ती के द्वारा लगातार विभिन्न आयोजन किये गए । जिसमें एक शाम शहीदों के नाम जिसमें देश भक्ति गीतों से कार्यक्रम में कलाकारों ने शमा बांधते हुए दर्शकों का दिल जीता । वही भजन संध्या जस गीत का आयोजन कर धार्मिक आयोजनों में क्लब ने संगीत की संध्या सजाकर सक्ती अंचल में संगीत के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई। इसी तरह बड़े आयोजनों में अमिताभ बच्चन नाइट जिसमें अमिताभ बच्चन के फिल्मों के गाने को लेकर आर्केस्ट्रा का आयोजन हुआ। वही फिल्मी संगीत से सजी आर्केस्ट्रा का भी आयोजन क्लब के द्वारा कई बार किया गया । कराओके क्लब सक्ती के द्वारा जहां एक ओर कराओके आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया वहीं म्यूजिकल आर्केस्ट्रा का भी आयोजन कई बार इनके द्वारा किया गया।
*बौद्धिक चर्चा-परिचर्चा बनी मिसाल*
कराओके क्लब सक्ती के द्वारा बौद्धिक चर्चा-परिचर्चा का आयोजन कई बार किया गया । जिसमें उस समय जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एस डी एम जैसे आई. ए. एस. आई.पी.एस. अधिकारियों ने इसमें सीधे जुड़कर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ 4 से 5 घंटे तक लगातार संवाद स्थापित किया। बौद्धिक चर्चा परिचर्चा कार्यक्रम की शहर एवं ग्रामीण अंचल में खासकर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने खूब प्रशंसा की।
*क्लब ने कि मां महामाया महोत्सव के आयोजन की मांग*
कराओके क्लब सक्ती के द्वारा जिला मुख्यालय में मां महामाया महोत्सव आयोजन करने की मांग कई बार विभिन्न जनप्रतिनिधियों से की है । ज्ञात हो कि सक्ती नगर एवं जिले की पहचान मां महामाया मंदिर जहां (महामाई दाई विराजमान है) से होती है। क्लब के द्वारा कई वर्षों से भव्य महोत्सव के आयोजन की मांग की जा रही है। बुद्धिजीवी वर्ग एवं आम नागरिकों के द्वारा भी यह कहा जाता रहा है की मां महामाया महोत्सव से सक्ती की पहचान प्रदेश स्तर तक बनेगी, इसलिए इस आयोजन का प्रारंभ होना आवश्यक है। वहीं इस मांग का समर्थन नगर के विभिन्न समाजसेवियों ने भी की है। इसी तरह जिला मुख्यालय में ऑडिटोरियम की मांग भी लंबे समय से कराओके क्लब सक्ती के द्वारा की जा रही है। ऑडिटोरियम बन जाने से स्थानीय कलाकारों को बड़े आयोजन एक छत के नीचे करने का अवसर प्राप्त होगा एवं विभिन्न शासकीय आयोजन भी यहां हो सकेंगे।

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