सोमवती पूर्णिमा के पावन अवसर पर महामाया मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन।
सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ के बाद राम दरबार में हुई मंगल आरती।
मातारानी को खिचड़ी का भोग लगाकर विशाल भंडारे का किया गया आयोजन।
नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ है सोमवती पूर्णिमा: देवेन्द्र सोनी-
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए देवेन्द्र सोनी ने बताया कि सोमवती पूर्णिमा का संयोग कई महीनों के बाद आता है। शुक्ल पक्ष की यह तिथि किसी भी नए कार्य की शुरुआत और व्यवसाय के विस्तार के लिए बेहद उपयुक्त और शुभ मानी जाती है। ऐसे दुर्लभ और शुभ अवसरों पर किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है।
उन्होंने आगे कहा कि मातारानी की अनुकंपा और भक्तों के सहयोग से ही यह भव्य आयोजन सफल हो पाया है। यही कारण था कि सुंदरकांड के पाठ के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
आरती और भंडारा प्रसाद वितरण
महामाया मंदिर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के संगीतमय पाठ के बाद राम दरबार में भव्य मंगल आरती की गई। इसके पश्चात मां महामाया देवी की विशेष आरती उतारी गई। मातारानी को पारंपरिक रूप से खिचड़ी का भोग लगाया गया, जिसके बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
आयोजन में इन प्रमुख भक्तों का रहा सहयोग
इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर के पुजाई और प्रमुख स्थानीय नागरिकों का सराहनीय योगदान रहा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
पुजाई गजराज सिंह, रमैया सिंह,
गोपाल अग्रवाल, उमेश शर्मा, बी. के. अग्रवाल,आत्माराम पटेल, प्रहलाद अग्रवाल, फुलेश्वर गैवल,कुंजल, श्याम सुंदर अग्रवाल (अधिवक्ता), हरी मिश्रा,अमित सोनी, अनुसुइया जायसवाल, कुंती यादव,पद्मिनी साहू, सालिकराम राठौर, चंद्रभान ब्रजवासी,गजानंद, मन्नू देवांगन, दुलारी साहू, छोटू यादव एवं अन्य भक्तगण।

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