नई दिल्ली/सक्ति:–नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा विवाद और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्र सरकार से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
इस्तीफे की मुख्य वजह
पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन जारी था। अपने त्यागपत्र और सोशल मीडिया संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा उनके लिए सर्वोपरि है।
उन्होंने अपनी चिट्ठी में जिक्र किया कि:
3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी और दोबारा परीक्षा कराने का साहसिक निर्णय लिया।
21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम भी घोषित किए गए।
लेकिन पिछले कुछ दिनों की घटनाओं और राजनीतिक टकराव के कारण वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य किसी भी तरह के विवादों में उलझे। इसी नैतिक जिम्मेदारी को लेते हुए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है।
लगातार बढ़ रहा था राजनीतिक और छात्रों का दबाव
देशभर के छात्र संगठन और विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हालांकि सरकार का एक धड़ा शुरू में इसे व्यक्तिगत लापरवाही मानने से इंकार कर रहा था, लेकिन बढ़ते विरोध और छात्रों के व्यापक आंदोलन को देखते हुए आखिरकार यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
अपने विदाई संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और मंत्रालय के सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह आगे भी देश के युवाओं और राष्ट्र सेवा के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।

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