रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश हिन्दी चेंबर ऑफ कॉमर्स और महालेखाकार (CAG) कार्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था, ट्रांसपोर्ट सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स को डिजिटल व आधुनिक बनाकर व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाना है।
ऑडिट से पहले व्यापारियों की राय
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि पहली बार किसी ऑडिट प्रक्रिया से पहले व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के सुझाव लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे भविष्य की सरकारी नीतियां जमीनी हकीकत और व्यापारिक जरूरतों के अनुरूप बनाई जा सकेंगी।
बैठक के मुख्य सुझाव और एजेंडा:
लॉजिस्टिक्स हब: शहर के भीतर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए शहर की बाहरी सीमा पर एक आधुनिक 'लॉजिस्टिक्स हब' के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया।
यातायात सुधार: एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड (अलग) लेन बनाने और बस स्टैंडों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
तकनीकी विकास: परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता और गति लाने के लिए GPS ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग और पर्यावरण संरक्षण हेतु CNG व इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
प्रमुख उपस्थिति:
बैठक में व्यापारिक जगत और प्रशासन के दिग्गज शामिल हुए:
चेम्बर पदाधिकारी: अध्यक्ष सतीश थौरानी, निकेश बरड़िया, चेतन तारवानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, लोकेश चंद्रकांत जैन, दिलीप इसरानी, जितेन्द्र शादीजा, मनीष प्रजापति, पंकज जैन, भरत पमनानी।
ट्रांसपोर्ट एवं व्यापारिक प्रतिनिधि: हरचरण सिंह साहनी, दिवाकर अवस्थी, राजधानी गुड्स ट्रांसपोर्ट एवं व्यापारिक प्रतिनिधि: हरचरण सिंह साहनी, दिवाकर अवस्थी, राजधानी गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष स्वरूप चोपड़ा, विकास अग्रवाल (महामाया गैरेज), नीरज बंसल, पावन अग्रवाल, अंकित संचेती, बनारसीलाल पांडे, विशाल ककलानी, सिद्धार्थ भल्ला, नदीम सोह, अनवर अली, खेमराज साहू, विनीत तिवारी, जे.पी. मित्तल, जसविंदर सिंह संधु, हरनूत सिंह, पुरूषोत्तम सिंह राजपूत, तोमेश साहू, राजकुमार साठे, नीरज साठे, दिलबाग सिंह, भगवान सिंह, सुरिन्दर पाल सिंह और हरपाल सिंह।
महालेखाकार (CAG) कार्यालय: सीनियर DAG मिस प्रियाति कावड़ो, मो. इकबाल अंसारी, मनीष कुमार शुक्ला, एम. रवि, प्रियांशु साहू, ताज हुसैन और शारदानंद झा।
इस बैठक से यह उम्मीद जगी है कि रायपुर के बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ व्यापारिक लॉजिस्टिक्स को नई दिशा मिलेगी। डिजिटल सुधारों से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिवहन लागत में भी कमी आने की संभावना है।

0 टिप्पणियाँ