सक्ति- जिले में बहुत दिनों से बिजली की बदहाल व्यवस्था ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, हर 10 मिनट में बिजली गुल होना अब एक आम बात हो गई है। बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों तक की जा रही इस अघोषित कटौती ने उपभोक्ताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है।
उपकरण हो रहे खराब, आर्थिक नुकसान की मार
बार-बार 'ट्रिपिंग' और लो-वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों के घरों में रखे कीमती बिजली उपकरण जैसे फ्रिज, टीवी, कूलर और एसी खराब हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। दिन भर में दर्जनों बार बिजली बंद होने से छोटे उद्योगों और वर्कशॉप का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है।
"बिजली विभाग को बिल समय पर चाहिए, लेकिन सुविधा के नाम पर शून्य है। हर 10 मिनट में लाइट गोल हो जाती है, जिससे हमारे घर के पंखे और मोटर जल रहे हैं। इसका हर्जाना क्या विभाग भरेगा?"
— एक आक्रोशित स्थानीय निवासी
अंधेरे में डूबा शहर, सुरक्षा पर सवाल
रात के समय बार-बार बिजली जाने से मोहल्लों में अंधेरा छा जाता है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी डर बना रहता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यापारियों का कामकाज भी इस लचर व्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है।
विभाग की चुप्पी और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना
जब इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो अक्सर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली काटी जाती है, फिर भी ट्रिपिंग की समस्या जस की तस बनी हुई है। जनता अब सवाल पूछ रही है कि इस बदहाली का जिम्मेदार कौन है?

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