सक्ती। जिला कांग्रेस महामंत्री गिरधर जायसवाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल के नाम पर केवल राजनीति कर रही है और विपक्ष की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस महिला आरक्षण बिल को 16 अप्रैल 2023 को विपक्ष के पूर्ण सहयोग से पारित किया जा चुका है, उसे लागू करने के बजाय भाजपा केवल झूठ फैला रही है।
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि लोकसभा में विपक्ष ने महिला बिल का नहीं, बल्कि परिसीमन बिल का विरोध किया था। भाजपा इस परिसीमन के जरिए देश में वैचारिक और भौगोलिक विभाजन की साजिश रच रही थी। इस बिल का उद्देश्य उत्तर भारत की सीटें बढ़ाकर दक्षिण भारत की तुलना में असंतुलन पैदा करना था, ताकि सत्ता पर एकाधिकार बना रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर भाजपा के इस 'झूठ' का पुरजोर जवाब दें।
भाजपा के झूठ को बेनकाब करना हर सजग नागरिक का कर्तव्य है!
सच्चाई क्या है? महिला आरक्षण बिल 16 अप्रैल 2023 को ही विपक्ष के समर्थन से पास हो चुका है। अगर नीयत साफ होती, तो भाजपा इसे आज ही 543 सीटों पर लागू कर सकती थी।
विरोध किसका हुआ? कांग्रेस और एकजुट विपक्ष ने महिला बिल का नहीं, बल्कि भाजपा के 'विभाजनकारी परिसीमन बिल' का विरोध किया।
साजिश क्या थी? उत्तर-दक्षिण के बीच खाई पैदा करना और केवल हिंदी बेल्ट में सीटें बढ़ाकर सत्ता हथियाने की कोशिश।
भाजपा नेता और गोदी मीडिया सोशल मीडिया पर झूठ फैलाकर कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहे हैं। सभी साथियों से निवेदन है कि फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर सक्रिय हों और इनके हर पोस्ट पर कमेंट कर सच्चाई सामने लाएं।


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