सक्ति जिले के ग्राम पंचायत जामपाली में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक किसान की साल भर की मेहनत और मवेशियों का चारा जलकर खाक हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से बिजली का तार टूटा हुआ था, जिसकी बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई सुध नहीं ली।
6 महीने से अनसुनी रही शिकायत
जामपाली की सरपंच ने मीडिया को बताया कि गांव में पिछले 6 महीने से बिजली का केबल नीचे गिरा हुआ था। इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग की अधिकारी श्रीमती मोहिनी गबेल और स्थानीय लाइनमैन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दीं। सरपंच के अनुसार, गांव के 'पंथी कार्यक्रम' से पहले भी सुधार के लिए मिन्नतें की गईं, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
किसान की आजीविका पर संकट
इस आगजनी में किसान दनसाय का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। दनसाय ने साल भर की मेहनत से अपने मवेशियों के लिए चारे (पैरा) का स्टॉक जमा किया था, जो कुछ ही पलों में जलकर राख हो गया।
पीड़ित किसान ने नम आंखों से कहा, "मेरे पास 5-6 मवेशी हैं। उनके साल भर के खाने के लिए मैंने यह पैरा इकट्ठा किया था। मैंने लाइनमैन से हाथ जोड़कर कहा था कि इसे ठीक कर दो वरना नुकसान हो जाएगा, लेकिन किसी ने नहीं सुना। अब मैं अपने जानवरों को क्या खिलाऊंगा?"
आग लगने के बाद प्रशासन की एक और बड़ी खामी उजागर हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि:
दमकल की गाड़ी सूचना मिलने के 4 घंटे बाद मौके पर पहुंची।
सक्ती के दमकल केंद्र में पानी की किल्लत थी और वहां का जनरेटर दो घंटे से खराब पड़ा था।
आखिरकार जांजगीर से दमकल की गाड़ी बुलानी पड़ी, तब तक सब कुछ जल चुका था।
मुआवजे की मांग
घटनास्थल पर पुलिस और दमकल कर्मी जब तक पहुंचे, तब तक किसान की बाड़ी और साल भर का चारा खाक हो चुका था। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से किसान दनसाय के लिए उचित मुआवजे और लापरवाह बिजली विभाग के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


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