नगर के प्रथम नागरिक एंव नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर ने सक्ती शहर वासियों से आग्रह किया है कि वे पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करें, प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें और आपसी सौहार्द बनाए रखें, जिससे इस पावन पर्व की गरिमा बनी रहे।

 


सक्ती /- प्रख्यात विद्वानों के अनुसार 3 मार्च 2026 को पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी और ग्रहण का भी योग है। हालांकि ग्रहण निमित्त कारण नहीं है, लेकिन य पूर्णिमा तिथि रहने के कारण 3 मार्च को रंग नहीं खेला जाएगा। रंगोत्सव 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाया जाएगा। वहीं 5 मार्च, गुरुवार को भाई दूज का उत्सव मनाया जाएगा। पंडितों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शास्त्रीय मर्यादा और निर्धारित शुभ समय का पालन करते हुए होलिका दहन और होली का पर्व मनाएं, ताकि पर्व का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व अक्षुण्ण बना रहे।

नगर पालिका के लोकप्रिय अध्यक्ष एवं अग्रवाल सभा के अध्यक्ष श्याम सुंदर ने अग्रवाल कहा कि शास्त्रीय मर्यादा और शुभ मुहूर्त में मनाएं होलिका दहन व होली का पावन त्योहार

रंगों का पावन पर्व होली इस वर्ष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों और धर्माचार्यों ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे होलिका दहन शास्त्रीय विधि और निर्धारित शुभ मुहूर्त में ही करें, ताकि पर्व का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व अक्षुण्ण बना रहे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि में भद्रा काल समाप्त होने के बाद किया जाना चाहिए। मान्यता है कि विधि-विधान से किया गया होलिका दहन नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।

इसके पश्चात अगले दिन रंगोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग परंपराओं के साथ आयोजित किया जाता है। होली का यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

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