सक्ती- भाजपा कार्यालय शक्ति में प्रेस वार्ता में मंत्री लखन लाल देवांगन ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को देश के इतिहास का सबसे काला दिन बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचल दिया था।
2. दमन और संघर्ष का उल्लेख
आपातकाल के दौरान प्रेस पर सेंसरशिप लगाने और लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी तथा लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े विपक्षी नेताओं को बिना किसी अपराध के जेल में डालने का जिक्र किया गया।
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की सराहना की, जिनकी वजह से देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हो सकी।
3. भाजपा का संकल्प और जिम्मेदारी
देवांगन ने कहा कि इस भयावह इतिहास (आपातकाल की विभीषिका) और इसके सबक को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्य दायित्व है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में लोकतंत्र पर ऐसा आघात कभी दोबारा न हो। इसके लिए पार्टी देश भर में जनजागरण कार्यक्रम चला रही है।
इस प्रेस वार्ता में सक्ती जिले के कई वरिष्ठ भाजपा नेता और पदाधिकारी शामिल थे, जिनमें रामअवतार अग्रवाल, प्रीतम सिंह गबेल, प्रदेश मंत्री श्रीमती विद्या सिदार, जिला महामंत्री मोहन कुमारी साहू, और जिला मीडिया प्रभारी धनंजय नामदेव अभिषेक शर्मा परसन राठौर, नारायण राठौर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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