​"हमें बलि का बकरा बनाना बंद करे शासन" – धान शॉर्टेज पर एफआईआर के खिलाफ कंप्यूटर ऑपरेटरों का हल्लाबोल



जिला जांजगीर-चांपा एवं सक्ती के धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों ने धान शॉर्टेज मामलों में केवल तकनीकी कर्मचारियों पर की जा रही एकतरफा एवं पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के विरोध में आज जिला कलेक्ट्रेट जांजगीर-चांपा पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया तथा जिला कलेक्टर महोदय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान जिले भर के धान खरीदी केंद्रों से आए सैकड़ों की संख्या में कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ऑपरेटरों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि पूरे प्रदेश में तकनीकी कर्मचारियों के बीच भय, असुरक्षा एवं भारी आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि कंप्यूटर ऑपरेटरों का कार्य केवल ऑनलाइन डेटा एंट्री, किसान पंजीयन, टोकन एंट्री, रिपोर्ट प्रिंट एवं शासन पोर्टल संचालन तक सीमित रहता है। ऑपरेटर न तो धान के वास्तविक भंडारण प्रभारी होते हैं, न वित्तीय प्राधिकारी और न ही धान सुरक्षा एवं स्टॉक नियंत्रण के जिम्मेदार अधिकारी। इसके बावजूद धान कमी/शॉर्टेज के मामलों में मुख्य रूप से कंप्यूटर ऑपरेटरों को आरोपी बनाया जाना गंभीर अन्याय एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।


संघ ने आरोप लगाया कि वास्तविक प्रशासनिक एवं भौतिक नियंत्रण रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों, प्रभारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को संरक्षण देकर तकनीकी कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जिससे पूरे ऑपरेटर वर्ग में गहरी नाराजगी व्याप्त है।


विशेष रूप से जिला जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले के बाराद्वार ब्रांच अंतर्गत समिति कंडारी का मामला वर्तमान में सबसे अधिक गरमाया हुआ है। 


उक्त प्रकरण में संबंधित धान खरीदी प्रभारी द्वारा विधिवत लिखित रूप से स्टाम्प पेपर पर यह स्वीकार किया गया था कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की कमी अथवा शॉर्टेज की संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी तथा कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई न की जाए। इसके बावजूद संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटरों पर FIR दर्ज कर कार्रवाई किया जाना निष्पक्ष जांच एवं न्यायिक भावना पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।


संघ ने यह भी कहा कि उक्त लिखित दस्तावेज संबंधित कार्यालयों में पूर्व से प्रस्तुत किए जा चुके थे, फिर भी तकनीकी कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। इससे यह प्रतीत होता है कि वास्तविक जिम्मेदार व्यक्तियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।


ज्ञापन में मांग की गई कि धान खरीदी केंद्रों में लगाए गए CCTV कैमरों एवं राज्य स्तरीय इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के फुटेज की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच पूर्ण होने तक निर्दोष कंप्यूटर ऑपरेटरों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए तथा बिना प्रत्यक्ष साक्ष्य तकनीकी कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई बंद की जाए।


इस अवसर पर सक्ती जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम बरेठ एवं जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष चंडी सिंह ठाकुर ने संयुक्त रूप से कहा कि ऑपरेटर वर्ग अब अन्यायपूर्ण एवं दमनात्मक कार्रवाई को किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेगा। यदि निर्दोष तकनीकी कर्मचारियों को प्रताड़ित करना बंद नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने शासन एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा निर्दोष कंप्यूटर ऑपरेटरों को न्याय देने की मांग की।


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