भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सक्ती द्वारा शहीद ए आजम भगत सिंह के 95वें बलिदान दिवस पर उन्हें और देश को आजाद कराने वाले बलिदानियों को पुष्प अर्पित करते हुए यादकर श्रद्धांजलि दी गई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सक्ती द्वारा शहीद भगत सिंह , राजगुरु , सुखदेव के शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित पार्टी कार्यकत्ताओं और समर्थक साथियों को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड अनिल शर्मा ने कहा कि भारत की आजादी और वैज्ञानिक सोच के लिए शहीद ए आजम भगत सिंह ने अपनी छोटी उम्र में अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया वे कई बार जेल गए अंग्रेजों द्वारा दी गई प्रताड़ना झेली लेकिन वे हार नहीं माने न ही उन्होंने अंग्रेजों से माफी मांगी बल्कि अंग्रेजों की सरकार को देश से बाहर खदेड़ने का अपना प्रयास जारी रखा और तो और उन्होंने भारत की आजादी के दीवानों में जोश भरने के लिए असेम्बली में बम फेंक कर गूंगी बहरी अंग्रेज सरकार को भारत के नागरिकों के आजादी के आवाज को सुनने मजबूर किया कामरेड शर्मा ने कहा कि इससे अंग्रेज सरकार इतनी डरी सहमी थी कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी देने की तारीख 24 मार्च 1931 से एक दिन पहले 23 मार्च को ही फांसी दे कर अपनी खौफ दूर की । श्रद्धांजलि सभा को कामरेड हेम लाल देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह युवकों के प्रेरणा श्रोत थे अंग्रेजों ने शहीदों को लाहौर षड़यंत्र केस के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी श्रद्धांजलि सभा में कामरेड देवेंद्र जायसवाल कामरेड विनोद द्विवेदी कामरेड आकाश शर्मा आसुसोनी लक्ष्मी देवांगन मुरारी साहू दुर्गा गबेल बाबी देवांगन उपस्थित थे

0 टिप्पणियाँ