विश्व हिंदी दिवस पर मातृ भाषा पर चिंतन राज भाषा हिंदी को राष्ट्र भाषा का सम्मान दिलाने हम सबका महती दायित्व...अधिवक्ता चितरंजय पटेल

आज विश्व हिन्दी दिवस मनाते हुए करीब 50 वर्ष हो चुके हैं क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम बार नागपुर में विश्व हिन्दी मनाने की शुरुवात की थी जो 2006 से घोषित तौर पर विश्व हिन्दी दिवस समारोह मनाकर हम हिंदी के सम्मान को भारत के अलावा अन्य देशों में प्रचारित करते हैं, इन बातों की चर्चा करते हुए उच्च न्यायालय हिंदी अभियान समिति से जुड़े उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह पटेल पटेल ने बताया कि बड़ी विडंबना की बात है कि आजादी के अमृत उत्सव मनाते समय भी हम हिंदी को राज भाषा से राष्ट्र भाषा घोषित नहीं करवा पाए।

आज विश्व हिन्दी दिवस पर संकल्प लेना होगा कि देश के उच्चतम एवं उच्च न्यायालय में काम काज की भाषा बनाए जाने हेतु अपनी आवाज बुलंद करेंगे ।

इन पलों में अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष दुलीचंद साहू ने हिंदी को समृद्ध भाषा बताते हुए कहा कि अंग्रेजी का ज्ञान हो पर राष्ट्र भाषा हिंदी ही अच्छी है ।

आज हिंदी को राज भाषा से राष्ट्र भाषा घोषित किए जाने हर व्यक्ति को महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखे जाने का आग्रह करते हुए हिंदी राष्ट्र भाषा अभियान का आगाज कर जन जागरुकता का संकल्प लिया गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Author Name

AZLAL KHAN

[DIRECTOR AND PUBLICER ],address ; rajapara ward no.3 sakti , pin . 495689

Author Name

SHAMS TAMREJ KHAN

[CHEIF EDITOR ],address ; rajapara ward no.3 sakti , pin . 495689