सक्ती– शहर में यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों के लिए निर्धारित नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 8 स्थित संतोषी मंदिर मार्ग से नो-एंट्री के समय भारी वाहनों की आवाजाही लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। संकरी गली-मोहल्ले की सड़कों से होकर गुजरते इन वाहनों के कारण कभी भी गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
इस मार्ग से अनुनय कॉन्वेंट , परमेश्वरी पब्लिक स्कूल, लिटिल फ्लावर सहित कई स्कूलों के बच्चे प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सुबह और छुट्टी के समय इन सड़कों पर बच्चों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे समय में भारी वाहनों का प्रवेश न केवल यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को भी सीधे प्रभावित करता है।
नियमों को ताक पर रखकर हो रहा परिवहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि नो-एंट्री व्यवस्था का उद्देश्य शहर के भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील मार्गों को भारी वाहनों से सुरक्षित रखना है। इसके बावजूद यदि भारी वाहन गली-मोहल्लों के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं, तो इसकी निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
लोगों का आरोप है कि कुछ वाहन चालक और संबंधित व्यापारी सुविधा के लिए निर्धारित मार्ग और समय का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे यातायात नियमों की अनदेखी के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
दुर्घटना के बाद जागने के बजाय पहले हो कार्रवाई
नागरिकों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि नो-एंट्री के समय इस मार्ग से भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

0 टिप्पणियाँ