सक्ती | सक्ती विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रैन खोल में उस वक्त सियासत गरमा गई जब प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने जनसंपर्क के दौरान जमीनी हकीकत का जायजा लिया। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं से चर्चा करते हुए डॉ. महंत ने पाया कि शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं कागजों तक ही सीमित हैं। रैन खोल में आज भी ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
विकास से कोसों दूर रैन खोल: महिलाओं ने सुनाई व्यथा
जनसंपर्क के दौरान डॉ. महंत जब महिलाओं के बीच पहुंचे, तो उन्होंने अपनी समस्याओं का पिटारा खोल दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अब तक शौचालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'नल-जल योजना' का लाभ भी अब तक इस गांव तक नहीं पहुँचा है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को आज भी पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी हकीकत
डॉ. महंत ने दौरे के दौरान पाया कि गांव में कई पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित हैं। सिर पर पक्की छत का सपना संजोए बैठे ग्रामीणों ने नेता प्रतिपक्ष को बताया कि कई बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है। डॉ. महंत ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार के राज में गरीब अपने मौलिक अधिकारों से वंचित हैं।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति को सहेजती फिल्म की शूटिंग का लिया आनंद
दौरे के अंत में डॉ. चरण दास महंत रैन खोल में चल रही एक फिल्म की शूटिंग देखने भी पहुंचे। इस फिल्म का निर्माण पोषक दास महंत द्वारा किया जा रहा है। शूटिंग के दौरान कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए महंत ने कहा:
"यह फिल्म छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की एक अनूठी झलक पेश करेगी। स्थानीय स्तर पर ऐसी कलात्मक पहल से हमारी संस्कृति को नई पहचान मिलती है।"
डॉ. महंत का यह दौरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक ओर उन्होंने विकास की खामियों पर सरकार को घेरा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहन देकर ग्रामीणों का दिल भी जीता।
इस मौके पर सूरज महंत,ठाकुर गुलजार सिंह, राजेश अग्रवाल,बंटी धांजल,नरेश गेवाडिन, अनिल प्रकाश सिंह,काफी संख्या में कार्यकर्ता के साथ-साथ आम नागरिक शूटिंग देखने के लिए उमड़ पड़े।

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