शासकीय आदिवासी बालक आश्रम मसनियाखुर्द मे 28 फरवरी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान प्रदर्शनी, व्याख्यान का आयोजन किया गया। आश्रम के 24 विद्यार्थियो ने 80 मॉडलों का प्रदर्शन किया जिसमे हवा का प्रयोग, न्यूटन वलय सिद्धांत, गुरुत्वाकर्षण, चुंबक, अभिकेंद्रिय बल अपकेंद्र बल, बल का विभाजन, प्रकाश, ध्वनि, गति, स्वचालित फ़ौब्बरा, दोलन के प्रकार के साथ , वायु दिखता नही महसूस किया जाता है विभिन्न मिशाइल,तोप बलून कार, वर्ण क्रम, टीएल एम से कहानी पठन ,पृथ्थकरण की विधि के साथ जादुई प्रयोग दिखाकर विज्ञान प्रदर्शन छोटे छोटे बच्चो ने बहुत उत्साह उमंग से विज्ञान दिवस मनाया । "कम लागत से बने समाग्री" से बच्चो ने सटीक प्रदर्शन कर अवलोकन करने आये मसनियाखुर्द के छात्र छात्रोंओ को बताया एवम बनाने की विधि से अवगत करवाया। ध्वनि का गमन ध्वनि पथ से हिंदी की कहानी जीवंत प्रयोग द्वारा समझाया गया । गणित मॉडल मे 1 से 20 तक की संख्या को क्रम बार बिना देखे कार्ड की नंबर बताते गए। ऊर्जा का स्थानांतरण को पेंडुलम के माध्यम से बताया गया। प्रधान पाठक, शैलकुमार पांडेय द्वारा विज्ञान दिवस कब क्यो मानते है। हम वैज्ञानिक क्यो बने?, हमारी सोच आगे कैसे बढे?। प्रयोग करके बताया। क्यो एवम कैसे 24 घंटे हमारे दिमाग मे घूमते रहना चाहिए ,तब हम कुछ नया कर पाएंगे। दैनिक जीवन विज्ञान है बस हमे इसे समझना है। कार्य क्रम के मुख्य अतिथि प्रधान पाठक मसनिया खुर्द श्री यशोदा जायसवाल ने सभी बच्चो को शुभकामनाएं दी। कार्य क्रम को सफल बनाने मे शिक्षक जीवन लाल चौहान, आश्रम कर्मचारी रामलाल सिदार, यशवंत, छात्र नायक रोहन खाड़िया, उजागर सिदार, हितेश यादव, प्रताप, रूपेश उराव,यश राठिया, राहुल राठिया, विवेक साहू, जयश यादव, पूरब, अजय, दीपक, तरुण उराव, रौनक, जगदीश कंवर, राजेंद्र सिदार, निखिल, जयंत, साथ मसनियाखुर्द के छात्र छात्राओ का पुरा सहयोग रहा। जिला शिक्षाधिकारी, सहायक आयुक्त,बी ई ओ,बी आर सी , ने बच्चो को शुभकामनाएं दी।

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