ऑडियो बुक आवाजों की खुली पाठशाला का विमोचन छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका के कर कमलों द्वारा हुआ । वर्ल्ड ऑडियो बुक राष्ट्रपति अवॉर्डी शिक्षिका सुश्री के शारदा जी के द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए परिकल्पना की गई थी जो की साकार हुई। इस ऑडियो बुक के निर्माण के लिए शिक्षिका द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट शिक्षकों का समूह बनाकर इस ऑडियो बुक का निर्माण किया गया इसमें सभी स्तर के विषय वस्तु और सामान्य जानकारी को ऑडियो के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों तक पहुंचाने का कार्य किया गया है । यह स्पष्ट आवाज के साथ बच्चों को समझ आने के अनुरूप तैयार किया गया है। इस कार्य में सक्ती जिले से शिक्षिका चंचला चन्द्रा ने 115 ऑडियो बुक्स बना कर अपना योगदान दिया है। इस कार्य के लिए उन्हें राज्यपाल के द्वारा लोकभवन में स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया। एक मंच पर शिक्षा की नई पहल
इन ऑडियो बुक्स में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के सभी विषयों के साथ-साथ कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष प्लेलिस्ट भी उपलब्ध कराई गई है।
साथ ही इनमें — कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक के सभी विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित प्लेलिस्ट, सरगुजिया कहानियां, छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में सामान्य ज्ञान,
हल्बी,पंजाबी, छत्तीसगढ़ी में अलग-अलग प्लेलिस्ट उपलब्ध है। साथ ही दिव्यांगजनों हेतु सहायता संसाधन,महिला सशक्तिकरण,दिव्यांग एवं महिलाओं को मिलने वाली सरकारी योजनाओं
से संबंधित उपयोगी प्लेलिस्ट भी शामिल हैं, जिससे दृष्टिबाधित विद्यार्थी एक ही प्लेटफॉर्म पर संपूर्ण अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकें।
राष्ट्रपति पुरस्कार से मिली प्रेरणा इस अभियान की प्रेरणा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुश्री के. शारदा , दुर्ग जिले की शिक्षिका को वर्ष 2024 में राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त होने के पश्चात मिली।
दृष्टिबाधित व्यक्तियों के एक समूह से जुड़ने के दौरान उन्हें यह ज्ञात हुआ कि ऐसे बच्चे मुख्य रूप से ऑडियो फॉर्मेट के माध्यम से अध्ययन करते हैं।यहीं से यह विचार उत्पन्न हुआ कि दृष्टिबाधित बच्चों के लिए शिक्षा को सरल और सुलभ बनाया जाए।
इसी सोच के साथ 25 अक्टूबर 2024 से इस कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई थी।

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