सक्ती | धान खरीदी के अंतिम चरणों में जिला प्रशासन द्वारा जारी एक नए आदेश ने जिले के किसानों और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के टोकन में 60 प्रतिशत तक की कटौती किए जाने के निर्णय को जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती ने 'तुगलकी फरमान' करार देते हुए इसके खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
किसानों का चक्काजाम, कांग्रेस का समर्थन
प्रशासन के इस निर्णय के विरोध में जिले के लगभग हर धान खरीदी केंद्र पर आक्रोशित किसानों ने चक्काजाम कर दिया है। किसानों का कहना है कि जब धान खरीदी अपने अंतिम पड़ाव पर है, तब अचानक टोकन की मात्रा में कटौती करना उनके साथ सरासर अन्याय है। जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वह इस संकट की घड़ी में पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।
आज कलेक्ट्रेट में होगा बड़ा प्रदर्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती द्वारा आज, 27 जनवरी को सुबह 11:00 बजे, कलेक्टर कार्यालय (जेठा) का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में स्थानीय विधायक, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
"जिला प्रशासन का यह निर्णय किसान विरोधी है। एक तरफ किसान अपनी उपज बेचने की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं प्रशासन उनके हक पर कैंची चला रहा है। जब तक किसानों की समस्या का पूर्ण निराकरण नहीं होता, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।"
— श्रीमती रश्मि गबेल, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती
मुख्य मांगें और अपील:
• किसानों के टोकन की 100% धान खरीदी सुनिश्चित की जाए।
• प्रशासन अपने कटौती वाले आदेश को तत्काल वापस ले।
• श्रीमती रश्मि गबेल ने अधिक से अधिक संख्या में किसान भाइयों और कांग्रेस जनों को कलेक्ट्रेट पहुंचने की अपील की है ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।

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