*सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर छात्र छात्राओं व शिक्षको ने याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की*



बिर्रा-"तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" का जयघोष कर लाखों युवाओं के दिलों को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरित करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया संकुल सेमरिया में दोपहर तीन बजे पश्चात छात्र-छात्राओं व शिक्षको ने सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रभारी प्रधान पाठक उमेश कुमार दुबे के मार्गदर्शन में शिक्षक पितांबर प्रसाद कश्यप ने बच्चों को बताया कि सुभाष चंद्र बोस( 23 जनवरी 1897 18 अगस्त 1945) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज कर का गठन किया था उनके द्वारा दिया गया जय हिंद का नारा।सुभाष चंद्र बोस भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक में हुआ।वे नेताजी के नाम से भी जाने जाते थे उन्होंने "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" का नारा दिया था। उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी।1943 में उन्होंने आजाद हिंद की स्थापना की 18 अगस्त 1945 को उनकी मृत्यु हो गई लेकिन उनकी देशभक्ति और साहस आज भी याद की जाती है सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति है और उनका जीवन और कार्य युवाओं को प्रेरित करता है।सुभाष चंद्र बोस ने कहा था कि संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया मुझ में आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ जो मुझे पहले मालूम नहीं था जहां शहद का अभाव हो वहां गुड़ से ही साथ का कार्य निकालना चाहिए।सुबह से पहले अंधेरी घड़ी अवश्य आती है।बहादुर बनो और संघर्ष जारी रखो।इस अवसर पर टीकाराम गोपालन, कैलाश खूंटे उपस्थित थे।

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