खरसिया– नगर पालिका खरसिया की उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार का खामियाजा एक बार फिर शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। मानसून के दौरान नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं, जिससे बारिश का पानी सड़कों पर बहने के साथ-साथ लोगों के घरों और दुकानों में घुस रहा है।
एक्सिस बैंक के पास बदतर हालात: "पानी निकले तो निकले कहाँ?"
शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय इलाकों में शुमार एक्सिस बैंक खरसिया के पास नाली पूरी तरह कचरे और प्लास्टिक से पटी हुई है। निकासी का मार्ग बंद होने के कारण जरा सी बारिश होते ही नाली का गंदा पानी उफान मारने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि:
"नाली कचरे से लबालब भरी है। जब पानी निकासी का कोई रास्ता ही नहीं बचा, तो पानी सड़कों और घरों में घुसने के सिवा कहाँ जाएगा? बार-बार शिकायत के बाद भी नगर पालिका प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।"
नगर पालिका पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में नगर पालिका खरसिया के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि नाली सफाई और जल निकासी के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट कागजों में खर्च कर दिया जाता है, लेकिन धरातल पर काम शून्य है।
नालियों की नियमित सफाई बंद: लंबे समय से प्रमुख मार्गों और अंदरूनी वार्डों की नालियों की उलीच (सफाई) नहीं की गई है।
स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा: जलजमाव और सड़ांध मारते कचरे से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
जनता परेशान, प्रशासन बेखबर: जलभराव से लोगों का कीमती सामान खराब हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंच रहे।
जनता की चेतावनी
आक्रोशित नागरिको ने चेतावनी दी है कि यदि एक्सिस बैंक के पास स्थित नाली समेत शहर के अन्य प्रमुख नालों की तत्काल पोकलेन और सफाई कर्मियों के माध्यम से वृहद सफाई नहीं कराई गई, तो नगरवासी नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

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