आरोपी
1)सीईओ (CEO) जनपद पंचायत सक्ती, निखिल कश्यप
2)बाबू / सहायक ग्रेड 3 अविनाश ठाकुर, जनपद पंचायत सक्ती
3)जनपद कार्यालय का भृत्य, लच्छन भानु
सक्ती । प्रार्थी अरुण भारद्वाज ने एसीबी (ACB) बिलासपुर में लिखित शिकायत की थी कि उसकी माता ग्राम लिमतरा, जिला सक्ती की सरपंच है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायत के लिए निर्मला घाट व नाली निर्माण आदि के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हुआ है, जिसमें से 8 लाख रुपये का चेक जनपद पंचायत सक्ती से जारी हो चुका है,शेष 12 लाख रुपये का चेक जारी कराने के लिए उसकी माता द्वारा उसे जनपद पंचायत सक्ती जाकर उस बारे में आगे की कार्यवाही करने के लिए अधिकृत किया गया था। जिस पर शेष बचे 12 लाख रुपये का चेक जारी करने हेतु सीईओ जनपद सक्ती निखिल कश्यप और उसके बाबू अविनाश ठाकुर से निवेदन किए जाने पर, चेक जारी करने के एवज में आरोपी सीईओ निखिल कश्यप और उसके बाबू अविनाश ठाकुर के द्वारा उससे 2 लाख रुपये कमीशन की बात बोलकर रिश्वत की मांग की जा रही है। वह उन्हें रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि कार्यवाही चाहता है।शिकायत प्राप्त होने पर उसका सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान 1 लाख रुपये आरोपी अविनाश ठाकुर द्वारा अपने कार्यालय के भृत्य लच्छन के माध्यम से पूर्व में ही ले लिया गया था। शेष बची राशि 1 लाख रुपये को देने के लिए आज प्रार्थी को जनपद कार्यालय सक्ती भेजे जाने पर सीईओ निखिल कश्यप द्वारा रिश्वत राशि 1 लाख रुपये को बाबू अविनाश ठाकुर को लेने के लिए कहा गया तथा बाबू अविनाश ठाकुर द्वारा उसे भृत्य लच्छन भानु को लेने के लिए कहा गया,जिस पर रिश्वत राशि 1 लाख रुपये को भृत्य लच्छन भानु द्वारा प्रार्थी से लिए जाने पर एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा आरोपी सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर व भृत्य लच्छन भभानु द्वारा प्रार्थी से लिए जाने पर एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा आरोपी सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर व भृत्य लच्छन भानु को पकड़ लिया गया तथा रिश्वत रकम 1 लाख रुपये को बरामद कर लिया गया है। तीनों आरोपीगण के विरुद्ध धारा 7, 12 पीसी एक्ट (PC Act) 1988 के तहत एसीबी इकाई बिलासपुर द्वारा कार्यवाही की जा रही है।यह 2 वर्षों के भीतर एसीबी बिलासपुर की 51 वीं सफल ट्रैप कार्यवाही है।

0 टिप्पणियाँ