भारत में सशक्त नारी का अनुपम उदाहरण लोकमाता अहिल्या बाई होलकर... अधिवक्ता चितरंजय
भारत में सशक्त नारी का अनुपम उदाहरण लोकमाता रानी अहिल्या बाई होलकर न केवल कुशल प्रशासक रहीं, वरन समाज उत्थान व पर्यावरण संवर्धन की प्रणेता थी जो लोक कल्याण, सुशासन, धर्म, न्याय एवं जनसेवा के उच्चतम आदर्शों को अपने जीवन में साकार करने वाली, प्रजा-वत्सला एवं युग प्रवर्तक शासिका थी, यह बात अधिवक्ता परिषद के जिला ध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पावन जयंती पर कहते हुए बताया कि उनका त्याग, दूरदर्शिता, न्यायप्रियता, धर्मनिष्ठा तथा जनकल्याण के प्रति समर्पित जीवन आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि आज वक्त की मांग है कि लोकमाता के आदर्शों को आत्मसात कर हम समाज सेवा, सदाचार, करुणा एवं न्याय की भावना के साथ सर्व समाज की प्रगति सुनिश्चित करने अपनी भूमिका अदा को करें।
आज नारी सशक्तिकरण को लेकर जब लोग सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहते है, तब नारी शक्ति की अनुपम उदाहरण लोकमाता अहिल्या देवी होलकर के जीवन भर नारी को शिक्षित और सशक्त बनाने प्रयास करते हुए महिलाओं की सेना तक बनाया।
आज उनकी जन्म जयंती पर अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद जिला_शक्ति की ओर से बालिकाओं को प्रेरणा स्वरूप छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से उनके 300वें जयंती पर प्रकाशित पुस्तिका लोकमाता अहिल्या बाई के प्रबंधन व शासन सूत्र की प्रति भेंटकर उनके विचारधारा को आत्मसात करने का आग्रह किया गया।

0 टिप्पणियाँ