*ज्ञानी व्यक्ति की कभी भी मृत्यु नहीं होती वे अपने ज्ञान का प्रकाश हमेशा बिखेरे रहते हैं - प्रभादेवी चौबे*
*स्व. गुणनिधी पटेल की पावन स्मृति में कराया जा रहा है कथा*
बरमकेला सरिया के मध्य में बसे गांव बार में कथा की अविरल धारा बहने लगी है कथा शनिवार 2 नवंबर से प्रारंभ हुई है 1 नवंबर को शाम 4:00 बजे कलश यात्रा रखा गया था इसमें गांव के एवं क्षेत्र के महिलाओं की काफी उपस्थिति के साथ कलश यात्रा संपन्न हुआ। 2 नवंबर को कथा व्यास प्रख्यात कथा वाचिका श्रीमती प्रभादेवी चौबे का अभूतपूर्व स्वागत के साथ आगमन हुआ, कथा दोपहर 3:00 से 7:00 तक रखा गया है।
प्रथम दिवस की कथा में पूज्या दीदी प्रभादेवी जी ने कथा महात्मय सुखदेव-परीक्षित संवाद की कथा का विस्तृत वर्णन करते हुए कथा के सारगर्भित तथ्यों को बताया,
श्रीमती चौबे के अनुसार इस संसार रूपी सागर में यदि व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो उसके क्रमानुसार आदमी को याद किया जाता है भले ही आदमी का शरीर नष्ट हो जाता है लेकिन उसके द्वारा किए गए कर्म कभी समाप्त नहीं होते इसलिए सदैव अच्छे कर्म करते हुए जीवन जीने की बात कही।
यह कथा स्वर्गीय गुणनिधि पटेल के पावन स्मृति एवं वार्षिक श्राद्ध पर उनकी भार्या श्रीमती शीतल पटेल द्वारा कराई जा रही है इस कथा में पूरा गांव के साथ साथ जगन्नाथ युवा सेवा समिति तथा नवयुवक दुर्गा समिति का भी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हो रहा है।
कथा बस्ती जगन्नाथ मंदिर के पास किया जा रहा है प्रथम दिवस में ही पूरा पंडाल महिलाओं एवं श्रद्धालु भक्तगणों से भरी हुई थी, गांव में काफी उत्साह का माहौल है गांव में श्रीमद् भागवत का आयोजन हो रहा है इसलिए ग्रामवासी अपने-अपने घरों के बाहर रंगोली भी बनाते हैं ।
प्रथम दिवस की कथा उपरांत एवं महाआरती से पूर्व गांव के जगन्नाथ युवा सेवा समिति द्वारा गांव के उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 15 से 17 व्यक्तियों को कथा ब्यास श्रीमती प्रभादेवी चौबे के शुभ हाथों से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया, बार गांव अपने आप में एक शिक्षित एवं धार्मिक गांव की श्रेणी में आता है इस गांव में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष एवं समाज हित में कार्य करने वाले दिग्गजों का गांव है।
इस कथा में बरमकेला एवं सरिया क्षेत्र के श्रद्धालु भक्तगणों एवं महिलाओं की काफी उपस्थिति रही है, इस कथा के होने से बाहर ही नहीं बल्कि पूरा क्षेत्र भक्ति के मार्ग में अपने आप को पिरोने के लिए काफी उत्साह के साथ कथा श्रवण करने आते हैं।
गांव के लोग श्रीमती शीतल पटेल को इस आयोजन के लिए धन्यवाद व्यापित करते हुए व्यक्त करते हैं कि आपके द्वारा कराई जा रही इस कथा से न सिर्फ हमें कथा श्रवण करने को मिल रहा है अपितु क्षेत्र मैं भी धार्मिक ज्ञान का संचार हो रहा है।

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