सक्ती, 01 सितंबर 2026/ नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों एवं प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राजस्व विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, लंबित प्रकरणों, राजस्व न्यायालयों में प्रचलित मामलों तथा आम नागरिकों से संबंधित राजस्व कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर श्रीमती जैन द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के कार्यों को शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा में शत प्रतिशत और त्रुटिरहित पूर्ण करने निर्देशित किया गया। 

      बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन, फॉर्मर रजिस्ट्री, नक्शा बटांकन, भू-बंटन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खाता विभाजन, अविवादित नामांतरण, त्रुटि सुधार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4, भू-अर्जन एवं राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए जिले के सभी किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खसरे अभी तक पोर्टल पर दर्ज नहीं हुए हैं, उन्हें जोड़ा जाए तथा समितियों में किसानों का खसरा सत्यापन कराया जाए एवं छुटे खसरे जोड़े जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे।कलेक्टर ने धान विक्रय करने वाले सभी किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि किसानों के हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत खसरों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नोडल अधिकारी एवं राजस्व विभाग को आपसी समन्वय से निर्धारित समय-सीमा में किसानो के हित मे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए है।

        कलेक्टर श्रीमती जैन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व संबंधी सभी प्रकरणों का नियमानुसार गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है, इसलिए लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण करने तथा शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा एवं नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने भू-अभिलेखों के संधारण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अतिक्रमण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व अभिलेखों को दुरुस्त रखने तथा प्रकरणों के निराकरण में पारदर्शिता एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर राजस्व संबंधी कार्यों की सतत निगरानी करते हुए आम नागरिकों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की सतत समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने नगरीय निकाय क्षेत्रों में पट्टा सर्वे की जानकारी भी शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों के निष्पादन में गंभीरता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करना हम सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लंबित कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखते हुए समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर श्री बालेश्वर राम, एसडीएम सक्ती सुश्री कावेरी मरकाम, एसडीएम मालखरौदा श्री रूपेंद्र पटेल, एसडीएम डभरा श्री विनय कुमार कश्यप, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू अभिलेख, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक सहित संबंधित राजस्व विभाग और कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।